बनारस का बदलता अंदाज; गलियों-बाजारों को मिलेगा नया लुक, पर्यटन का नया हब बनेंगे ये इलाके
बनारस का बदलता अंदाज; गलियों-बाजारों को मिलेगा नया लुक, पर्यटन का नया हब बनेंगे ये इलाके
बनारस के बदलते अंदाज और बढ़ते आकर्षण को लेकर तैयार संवाददाता गोपाल मिश्र की स्पेशल रिपोर्ट...
बनारस का नया अंदाज
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
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वाराणसी: बनारस हमेशा से अपने मंदिरों, घाटों, संस्कृति और गलियों के लिए फेमस रहा है. इनकी प्राचीनता भी उतनी ही बताई जाती है, जितनी शिव की नगरी है. काशी का एक और भी आकर्षण है, वह है इसके बाजार और गलियां. ये बाजार भी ठेठ बनारसी अंदाज वाले हैं. ये बाजार-गलियां स्वाद, साड़ियों के साथ ही विभिन्न उत्पादों के लिए जाने जाते हैं. काशी के लोकप्रिय धार्मिक-ऐतिहासिक स्थलों से तो यहां आने वाले पर्यटक रूबरू होते हैं, लेकिन इन बाजारों और गलियों की अहमियत-खासियत को हर कोई नहीं जान पाता. पर्यटकों की संख्या बनारस में तेजी से बढ़ी है, इसी के साथ प्राचीन पौराणिक नगरी का आकर्षण बनाए रखने के लिए यहां तमाम योजनाएं भी चल रही हैं. इसी कड़ी में पर्यटन विभाग बनारस के 5 बाजारों और गलियों का कायाकल्प करने जा रहा है. यह न सिर्फ इस नगरी के प्रति लोगों के लगाव को बढ़ाएगा, बल्कि शहर को भी संवारेगा. पढ़िए क्या है प्लान...
बनारस का कायाकल्प (Video Credit; ETV Bharat)
क्या है पर्यटन विभाग की योजना
यूपी में बनारस अन्य शहरों के मुकाबले पर्यटकों को सबसे ज्यादा लुभाने वाला शहर बनकर उभरा है. विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के बाद यहां आने वाले पर्यटकों को हर दिन कुछ नया दिखाने और घूमने के नए स्थल तैयार करने के लिए पर्यटन विभाग कई प्लान तैयार कर रहा है. बनारस में 40 गलियों के कायाकल्प का प्लान है. पर्यटन विभाग ने पांच गलियों को अपने स्तर पर तैयार करने का बीड़ा उठाया है. नगर निगम इन 40 गलियों का स्मार्ट सिटी योजना के तहत कायाकल्प तो कर ही रहा है, लेकिन पांच गलियों के साथ 5 बाजारों को उनकी ऐतिहासिकत महत्व के आधार पर संवारने की प्लानिंग भी की गई है. जिसका स्ट्रक्चर पर्यटन मंत्रालय को भेजने के बाद अप्रूवल भी मिल गया है. इन गलियों का नाम फाइनल करने के साथ ही यहां के काम की लिस्ट तैयार करते हुए इस पर आने वाले कुछ महीनो में काम की शुरुआत करने की तैयारी की गई है.
क्या है खासियत (Photo Credit; ETV Bharat)
आकर्षण का केंद्र बनेंगी गलियां-बाजार
इस बारे में वाराणसी के संयुक्त पर्यटन निदेशक दिनेश कुमार का कहना है कि बनारस की 40 गलियों के डेवलपमेंट का काम नगर निगम पहले से कर रहा है. इन गलियों को नए सिरे से डेवलप करना है. उसमें से पांच गलियों को एकदम पर्यटन पॉइंट ऑफ व्यू से तैयार करने का काम पर्यटन विभाग करेगा. इस पर पर्यटन मंत्री की भी सहमति मिल चुकी है. बताया कि यहां की कचौड़ी गली सहित बुनकरी के लिए प्रसिद्ध मदनपुरा भी नए कलेवर में नजर आएंगा. काशी के पांच प्राचीन बाजारों का भी पर्यटन विभाग कायाकल्प करेगा. इसके लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने योजना तैयार की है. इसके तहत कचौड़ी गली, लहुराबीर, राजमंदिर, बंगाली टोला और मदनपुरा को पर्यटकों के पाइन ऑफ व्यू से सुविधाजनक बाजार के तौर पर विकसित किया जाएगा.
ये होने हैं काम (Photo Credit; ETV Bharat)
कैसे संवरेगा
उन्होंने बताया कि इन बाजारों के पुनरुद्धार के लिए लगभग 100 साल पुरानी तस्वीरों और ऐतिहासिक अभिलेखों का सहारा लिया जाएगा, ताकि शहर की पौराणिकता और मूल स्वरूप पूरी तरह बरकरार रहे. इसमे आईआईटी और यूनिवर्सिटी कर हिंदी और इतिहास विभाग के छात्रों और एक्सपर्ट की भी मदद ली जाएगी. परियोजना के तहत हेरिटेज कंजर्वेशन मॉडल को लागू करते हुए इन सभी बाजारों की दुकानों के फसाड के जरिये पारंपरिक वास्तुकला के अनुरूप ढाला जाएगा.
बनारस की कचौड़ी गली (Photo Credit; ETV Bharat)
बनारस के अन्य आकर्षण
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर: भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक अत्यंत पवित्र शिव धाम है. काशी विश्वनाथ कॉरिडोर मंदिर को सीधे गंगा घाटों से जोड़ता है.
दशाश्वमेध घाट: यहां की विश्व प्रसिद्ध संध्या गंगा आरती बहुत सुंदर होती है.
अस्सी घाट: सुबह की सुबहे बनारस और नाव की सवारी के लिए यह लोकप्रिय जगह है.
काल भैरव मंदिर: इन्हें काशी का कोतवाल माना जाता है. मान्यता है कि यहाँ दर्शन के बिना यात्रा पूरी नहीं होती.
संकट मोचन हनुमान मंदिर और दुर्गा मंदिर: शहर के अन्य बेहद प्रसिद्ध और आस्था के केंद्र मंदिर है, जो तुलसीदास जो द्वारा स्थापित है.
सारनाथ: बनारस से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित यह शांत बौद्ध तीर्थ स्थल है, जहाँ भगवान बुद्ध ने पहला उपदेश दिया था.
नमो घाट: गंगा के किनारे विकसित एक आधुनिक और बेहद खूबसूरत घाट बनाया गया, जो पर्यटकों के लिए सुविधाओं से लैस है. यहां बड़ी संख्या में लोग आते हैं. यहां आप अपनी गाड़ी लेकर भी पहुंच सकते हैं.
बीते कुछ सालों में बनारस को काफी संवारा गया है. (Photo Credit; ETV Bharat)
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से बना हब
विश्वनाथ कॉरिडोर ने काशी को पर्यटन की दृष्टि से बहुत बड़ा हब बना दिया है. यूपी टूरिज्म और मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक 2021 से पहले जहां बाबा के दर्शन के लिए दिन में 20 हजार लोग आते थे, अब रोज 1.5 से 6 लाख लोग आ रहे हैं. पूरे बनारस में टूरिस्टों की संख्या 30 लाख से 11 करोड़ पार कर गई है.
वाराणसी में पर्यटकों को रिझाने के लिए हर रोज कुछ ना कुछ नया हो रहा है. नमो घाट के फर्स्ट सेकंड और थर्ड फेज का निर्माण लगभग पूरा हो गया है. यहां पर हेलीपैड की सुविधा दी गई है. जहां से पर्यटकों को जल्द ही काशी के हवाई दर्शन का लाभ भी मिलेगा.
बनारस में जगह-जगह धार्मिक कलाकृतियां देखने को मिल जाएंगी (Photo Credit; ETV Bharat)
फाइटर प्लेन का प्रदर्शन
इसके अलावा जल्द ही यहां वायु सेवा अपने फाइटर प्लेन का प्रदर्शन भी करने जा रही है, जो पर्यटकों के लिए सबसे एडवेंचरस एक्सपीरियंस होगा. इसके साथ ही देव दीपावली पर भी पर्यटकों के लिए बहुत कुछ खास करने की प्लानिंग की गई है. अस्सी घाट पर पर्यटकों के लिए पार्किंग की दिक्कतों को देखते हुए मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण चल रहा है. रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर जापान के सहयोग से यहां तैयार हुआ, जहां पर्यटक भारत और जापान की मित्रता को देखने पहुंचते हैं. विश्वनाथ धाम के भव्य स्वरूप के साथ अन्य मंदिरों का भी कायाकल्प किया गया है. पंचकोसी परिक्रमा मार्ग को बेहतर किया गया और यात्राओं को बढ़ावा दिया जा रहा है. यहां नए टूर पैकेज लॉन्च किए गए हैं जो 1 दिन में ही पर्यटकों को घूमने की आजादी दे रहे हैं.
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मूल लिंक: https://www.etvbharat.com/hi/state/tourism-department-to-develop-5-lanes-and-markets-in-ba
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