गंगा का जलस्तर घटते ही एक्शन में वाराणसी नगर निगम: 85 घाटों पर सिल्ट हटाने का मेगा प्लान, अफसरों को मिली कम...
वाराणसी के नमो घाट पर जेसीबी लगाकर हटाई जा रही सिल्ट। मनाही के बावजूद गंगा में वापस फेंकी जा रही।
काशी में गंगा का जलस्तर कम होने के साथ ही तटीय इलाकों और घाटों पर जमा हुई भारी गाद (सिल्ट) को साफ करने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। महाश्मशान मणिकर्णिका, दशाश्वमेध और अस्सी समेत काशी के सभी 85 गंगा घाटों पर सफाई की एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की ग
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने खुद इस महा-सफाई अभियान की कमान संभालते हुए घाटों से सिल्ट हटाने के काम की नियमित और कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सीधे निलंबन और कठोर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
लेकिन इस चेतावनी का असर नहीं दिखाई दिया। नगर आयुक्त ने इस दौरान सिल्ट को डंफर से घाटों से दूर लाए जाने का निर्देश दिया है। पर नमो घाट पर गाद हटाने के लिए चल रही जेसीबी सारी सिल्ट वापस गंगा में ही डालती दिखाई दी।
जेसीबी से नमो घाट पर उठाई जा रही है सिल्ट।
जोन और क्लस्टर में बांटे गए घाट नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के आदेशानुसार, आदिकेशव घाट से लेकर रविदास घाट और सामने घाट (रामघाट) तक के सभी 85 गंगा घाटों को अलग-अलग जोन और क्लस्टर में विभाजित कर दिया गया है। सफाई कार्य में पारदर्शिता और गति लाने के लिए हर क्लस्टर पर विशेष पर्यवेक्षणीय (Supervisory) और नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है।
जियोटैग से करनी होंगी फोटो शेयर निगम ने तकनीकी रूप से भी इस अभियान को सख्त बनाया है। तैनात किए गए सभी पर्यवेक्षणीय अधिकारियों को प्रतिदिन अपने आवंटित घाट का स्थलीय निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। निरीक्षण के दौरान उन्हें मौके से ही ‘ऑफिसर्स ग्रुप’ में गाद सफाई की जियोटैग (Geotag) फोटो शेयर करनी होगी, जिससे मुख्यालय से ही काम की वास्तविक स्थिति की लाइव ट्रैकिंग की जा सके। नगर आयुक्त ने सख्त हिदायत दी है कि सभी अधिकारी अगले तीन दिनों के भीतर अपने-अपने घाटों की रिपोर्ट सब्मिट करेंगे।
गंगा में सिल्ट गिराने पर होगी कार्रवाई। नमो घाट पर दिखी लापरवाही।
अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी घाटों की सफाई व्यवस्था की चौबीसों घंटे निगरानी के लिए नगर निगम के 11 शीर्ष और अनुभवी अधिकारियों को अलग-अलग घाटों का नोडल प्रभारी बनाया गया है। इस टीम में अपर नगर आयुक्त: दुर्गेश कुमार मिश्रा, विनोद कुमार गुप्ता, पवन कुमार गुप्ता।
संयुक्त नगर आयुक्त कृष्णचंद्र, अनिल यादव। जोनल अधिकारी: इन्द्र विजय, मनोज कुमार सिंह, मृत्युन्जय नारायण मिश्रा। प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी: डॉ. संदीप भार्गव और जोनल स्वच्छता अधिकारी: क्षितिज मिश्रा, राजीव कुमार शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुबह से ही घाटों पर मुस्तैद रहकर अपनी देखरेख में सफाईकर्मियों की टोली से गाद हटवाएं।
दो जेसीबी दिन-रात हटा रहीं नमो घाट से सिल्ट।
सिल्ट तुरंत हटाने के निर्देश, सीढ़ियों और प्लेटफॉर्म पर फोकस बाढ़ का पानी उतरने के बाद घाटों की सीढ़ियों और पर्यटकों के बैठने वाले प्लेटफॉर्म पर कई फीट मोटी मिट्टी और फिसलन वाली गाद जम गई है, जिससे देव दीपावली और आगामी त्योहारों के मद्देनजर काशी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। इसे देखते हुए नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि घाटों की सीढ़ियों और प्लेटफॉर्म से गाद को शत-प्रतिशत साफ कराया जाए।
सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह दिया गया है कि निकाली गई सिल्ट को किसी भी हाल में घाटों पर जमा करके नहीं छोड़ा जाएगा। घाट से गाद निकलते ही उसे तत्काल डंपर और ट्रैक्टरों के जरिए उठाकर नगर निगम द्वारा निर्धारित तय डंपिंग स्थलों पर निस्तारित (Dispose) किया जाएगा। इससे घाटों पर दोबारा गंदगी नहीं फैलेगी और पर्यटकों व स्थानीय नागरिकों को आवागमन में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
मूल लिंक: https://www.bhaskar.com/local/uttar-pradesh/varanasi/news/varanasi-ghat-silt-removal-plan-
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