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काशी से कोलकाता सिर्फ 6 घंटे में, 4 राज्यों को जोड़ेगा नया एक्सप्रेसवे, दिल्ली-लखनऊ से गया-रांची तक कनेक्टिविटी

Varanasi Kolkata Expressway: देशभर में कई नए-नए हाइवे और एक्सप्रेसवे बन रहे हैं. ये हाईस्पीड कॉरिडोर राज्यों और शहरों को आपस में जोड़ रहे हैं. ऐसा ही एक 600 किलोमीटर से भी लंबा एक्सप्रेसवे बन रहा है, जो यूपी, बिहार, झारखंड से बंगाल तक की कनेक्टिविटी सुपरफास्ट कर देगा.  हम बात कर रहे हैं 'वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे' की. इस एक्सप्रेसवे पर काम तेजी से चल रहा है. यह छह लेन का अत्याधुनिक एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे होगा. एक्सप्रेसवे के बनने के बाद वाराणसी से कोलकाता का सफर महज 6 घंटे में पूरा होगा. इसके साथ ही लखनऊ और दिल्ली-एनसीआर से भी कोलकाता तक का सफर आसान हो जाएगा. 

क्या है अपडेट?

वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे पर तेजी से काम चल रहा है. यह एक्सप्रेसवे चंदौली जिले के रेवासा गांव से शुरू हो रहा है. फिलहाल इस प्रोजेक्ट के पहले चरण के 27 किलोमीटर लंबे पैकेज-1 में मिट्टी भराई, सड़क निर्माण और पुल बनाने का निर्माण जारी है. यह हिस्सा वाराणसी रिंग रोड से बिहार के कैमूर जिले की दिशा तक विकसित किया जा रहा है. कई स्थानों पर पिलर और अन्य इंजीनियरिंग संरचनाएं आकार लेती दिखाई दे रही हैं. इसके अलावा बिहार में इसके पैकेज-7 पर भी तेजी  से काम चल रहा है.

कहां से कहां तक बन रहा यह एक्सप्रेसवे

वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे यूपी के चंदौली जिले के बरहुली/रेवासा क्षेत्र से शुरू होगा. यूपी में इसका करीब 22 किलोमीटर का हिस्सा होगा. इसके बाद वाराणसी रिंग रोड से कनेक्ट होते हुए बिहार की सीमा में प्रवेश करेगा. बिहार में एक्सप्रेसवे का करीब 159 किलोमीटर का हिस्सा गुजरेगा. यह कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया होते हुए झारखंड में प्रवेश करेगा. झारखंड में एक्सप्रेसवे का लगभग 187 किमी का हिस्सा होगा. ये हजारीबाग, बोकारो होते हुए पश्चिम बंगाल में एंट्री करेगा. बंगाल में एक्सप्रेसवे का 242 किमी का हिस्सा होगा. बंगाल में पुरुलिया, बांकुला और हुगली होते हुए एक्सप्रेसवे कोलकाता तक जाएगा.

चार राज्यों की कनेक्टिविटी को मिलेगा बूस्ट

यह एक्सप्रेसवे पूरा होने के बाद उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच कनेक्टिविटी को बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है. वाराणसी से कोलकाता की यात्रा भी पहले की तुलना में काफी तेज हो सकेगी. NHAI द्वारा तैयार किए जा रहे इस एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट पर करीब 35 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

आधा रह जाएगा सफर का समय

वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे बनने से कई शहरों का सफर आधा रह जाएगा. इसके बनने के बाद वाराणसी से कोलकाता महज 6 से 7 घंटे में पहुंच पाएंगे, जहां फिलहाल 12 से 14 घंटे का समय लगता है. इसके अलावा लखनऊ से कोलकाता की दूरी 10 से 11 घंटे में पूरी होगी. वहीं दिल्ली-एनसीआर से कोलकाता पहुंचने में सिर्फ 15-16 घंटे का वक्त लगेगा, जो अभी 10 घंटे से भी ज्यादा है. नई हाई-स्पीड सड़क के कारण यात्रा समय लगभग आधा हो जाएगा. इससे व्यापार, पर्यटन और माल परिवहन को भी बड़ी राहत मिलेगी.

किन शहरों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे

  • बनारस
  • चंदौली 
  • सासाराम
  • औरंगाबाद 
  • गया
  • हजारीबाग
  • रांची 
  • बोकारो 
  • कोलकाता

दिल्ली-एनसीआर और लखनऊ से कैसे मिलेगी कनेक्टिविटी

दिल्ली और लखनऊ से सीधे तौर पर वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे कनेक्ट नहीं होगा, लेकिन दूसरे एक्सप्रेसवे के जरिए इसकी कनेक्टिविटी जरूर मिलेगी. दिल्ली-एनसीआर से पहले यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए आगरा पहुंचना होगा. इसके बाद आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से लखनऊ तक. लखनऊ से पूर्वांचल  एक्सप्रेसवे के जरिए वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी मिल जाएगी.

कब तक बनेगा एक्सप्रेसवे?

PM नरेंद्र मोदी ने 23 फरवरी 2024 को इस मेगा प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी थी. उम्मीद की जा रही है कि मार्च 2028 तक यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह से बनकर जनता को समर्पित कर दिया जाएगा, हालांकि इस मेगा प्रोजेक्ट को 2026-27 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन सासाराम में टनल के नए निर्माण और बंगाल में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रियाओं की वजह से देरी हुई थी. फिलहाल इस प्रक्रिया पर भी तेजी से काम किया जा रहा है.

स्रोत: यह सामग्री ndtv.in द्वारा प्रकाशित की गई थी — पूरा श्रेय मूल प्रकाशक का है।
मूल लिंक: https://ndtv.in/india/varanasi-kolkata-expressway-update-35000-crore-mega-corridor-to-conn
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