सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 𝕏 फ़ीड RSS स्रोत नीति English
बनारसLive LIVE
काशी और पूर्वांचल की खबरें
English
धर्म-आस्था

काशी से क्योटो और आस्था से अर्थव्यवस्था तक, जापानी कंपनियों के साथ UP के 90,000 करोड़ के समझौते

काशी से क्योटो और आस्था से अर्थव्यवस्था तक, जापानी कंपनियों के साथ UP के 90,000 करोड़ के समझौते
तस्वीर: Jagran

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत-जापान मैत्री को विश्वास की विरासत, विकास की साझेदारी और दो प्राचीन संस्कृतियों की आत्मीयता का जीवंत सेतु बताया है।

बुधवार को एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत शिंजो आबे ने दोनों देशों की इस आत्मीय मैत्री को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत-जापान की इसी आत्मीय मैत्री और शिंजो आबे की स्मृतियों को समर्पित ‘आबे मेमोरियल कॉरिडोर’ का बुधवार को लोकार्पण होगा। काशी स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वह सहभागिता करेंगे।

सांस्कृतिक आत्मीयता के साथ बढ़ी आर्थिक साझेदारी

मुख्यमंत्री योगी ने भारत-जापान संबंधों के आर्थिक पक्ष को भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आत्मीयता अब आर्थिक साझेदारी की नई शक्ति बन रही है। उत्तर प्रदेश जापानी कंपनियों के साथ करीब 90 हजार करोड़ रुपये के एमओयू कर चुका है।

भारत-जापान मैत्री विश्वास की विरासत, विकास की साझेदारी और दो प्राचीन संस्कृतियों की आत्मीयता का जीवंत सेतु है, जिसे आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत शिंजो आबे जी ने नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। इसी आत्मीय मैत्री और शिंजो आबे जी की स्मृतियों को समर्पित 'Abe Memorial Corridor' के लोकार्पण अवसर पर आज काशी स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता करूंगा। आज यही आत्मीयता आर्थिक साझेदारी की नई शक्ति भी बन रही है। उत्तर प्रदेश जापानी कंपनियों के साथ लगभग ₹90,000 करोड़ के MoU कर चुका है। काशी से क्योटो तक, आस्था से अर्थव्यवस्था तक, यह मैत्री अब साझी समृद्धि की नई राह बना रही है।

— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 7, 2026

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत और जापान के बीच संबंध विश्वास की विरासत और विकास की साझेदारी पर आधारित हैं। दोनों प्राचीन संस्कृतियों की आत्मीयता इन संबंधों को विशेष बनाती है। काशी और क्योटो के बीच जुड़ाव इसी रिश्ते को आगे बढ़ा रहा है।

उन्होंने कहा कि काशी से क्योटो तक, आस्था से अर्थव्यवस्था तक, यह मैत्री अब साझी समृद्धि की नई राह बना रही है।

स्रोत: यह सामग्री Jagran द्वारा प्रकाशित की गई थी — पूरा श्रेय मूल प्रकाशक का है।
मूल लिंक: https://www.jagran.com/uttar-pradesh/lucknow-city-cm-yogi-indiajapan-friendship-a-bridge-o
यदि आप इस सामग्री के प्रकाशक हैं और इसे यहाँ नहीं रखना चाहते, info@banaraslive.com पर लिखें।

यह भी पढ़ें