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साइबर अपराधियों का साम्राज्य ध्वस्त करेगी वाराणसी पुलिस: सीपी ने 15 दिन में थानों से मांगी रिपोर्ट, 58 गैंग...

साइबर अपराधियों का साम्राज्य ध्वस्त करेगी वाराणसी पुलिस: सीपी ने 15 दिन में थानों से मांगी रिपोर्ट, 58 गैंग...
तस्वीर: Dainik Bhaskar

वाराणसी पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेगी। पुलिस अब साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का तरीका बदलने जा रही है। साइबर ठगों की गिरफ्तारी के बाद केस फाइल बंद नहीं होगी, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क और आपराधिक साम्राज्य की पड़ताल जारी रहेगी।

पुलिस तीन फेज में कार्रवाई करेगी। पहले फेज में मुख्य साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी होगी। दूसरे फेज में उनके मददगारों को पकड़ा जाएगा। तीसरे फेज में अपराध से जुड़ी संपत्तियों और अन्य स्रोतों पर कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने जिले में चिह्नित साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिसिंग में बदलाव के निर्देश दिए हैं। साइबर क्राइम टीम ने इसके लिए ब्लूप्रिंट तैयार कर सुझाव रखे थे। समीक्षा के बाद सीपी ने अग्रिम कार्रवाई के निर्देश दिए।

वाराणसी के पुलिस कमिश्नर आवास के सभागार में साइबर क्राइम की मीटिंग में शामिल अधिकारी और नोडल अधिकारी।

म्यूल अकाउंट से लेकर फर्जी सिम बेचने वालों तक पर नजर

नई रणनीति में सिर्फ साइबर ठगी करने वालों को ही निशाना नहीं बनाया जाएगा। म्यूल अकाउंट खुलवाने वाले, फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले, फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले और ATM से ठगी की रकम निकालने वालों को भी नेटवर्क का हिस्सा मानकर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई पर भी जोर दिया गया है।

सीपी ने तीनों जोन के साइबर प्रभारियों को हर 15 दिन में लंबित साइबर अपराध के मामलों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। उनसे प्रगति रिपोर्ट भी तलब की गई है। स्थानीय स्तर पर चिह्नित साइबर अपराधियों की निगरानी करने और उनके मोबाइल नंबरों को ट्रेस करने के निर्देश दिए गए हैं।

एक साल में 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश किया, 277 पकड़े

साइबर क्राइम टीम ने बैठक में पिछले एक साल का रिपोर्ट कार्ड भी पेश किया। पुलिस के अनुसार, इस दौरान 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश कर 277 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

डिजिटल अरेस्ट के 5 बड़े मामलों में पुलिस ने 36 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 1.20 करोड़ रुपए, कार और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए।

सीपी मोहित अग्रवाल के कैंप कार्यालय में मीटिंग के दौरान सभी डीसीपी समेत 3 जोन के साइबर प्रभारी और साइबर नोडल अधिकारी मौजूद रहे।

15 अवैध कॉल सेंटर पकड़े, 175 गिरफ्तार

पुलिस ने अवैध कॉल सेंटरों के खिलाफ भी कार्रवाई की। एक साल में 15 कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ कर 175 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, इन गिरोहों में निवेश, विदेशी नागरिकों से ठगी और नौकरी के नाम पर साइबर फ्रॉड करने वाले नेटवर्क शामिल थे।

साइबर शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 16,982 NCRP शिकायतों का निस्तारण किया। वित्तीय कार्रवाई के तहत करीब 25 करोड़ रुपए की ठगी की रकम होल्ड कराई गई। प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4.5 करोड़ रुपए पीड़ितों को वापस दिलाए गए।

10 हजार से ज्यादा मोबाइल नंबर ब्लॉक

साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे 10,176 मोबाइल नंबर और 8,262 IMEI नंबर ब्लॉक कराए गए। इसके अलावा 21 शातिर साइबर अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया। पुलिस के अनुसार, साइबर ठगों के जाल में फंसे 550 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित उनके परिजनों को सौंपा गया। कार्रवाई के दौरान 17 चार पहिया वाहन भी बरामद किए गए।

साइबर ठगी से बचाव के लिए पुलिस ने स्कूल, कॉलेज और चौराहों पर जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान 25 हजार से ज्यादा लोगों को साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके बताए गए।

बैठक में डीसीपी अपराध नीतू, डीसीपी राजेश कुमार पाण्डेय, एडीसीपी अपराध नृपेन्द्र समेत सभी जोन के साइबर प्रभारी और साइबर नोडल अधिकारी मौजूद रहे।

स्रोत: यह सामग्री Dainik Bhaskar द्वारा प्रकाशित की गई थी — पूरा श्रेय मूल प्रकाशक का है।
मूल लिंक: https://www.bhaskar.com/local/uttar-pradesh/varanasi/news/varanasi-police-cyber-crime-gang
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