'सपा को माफिया की कब्र पर आंसू बहाने की फिक्र': वाराणसी में शिक्षक-स्नातक महासम्मेलन में सीएम का हमला; बोले...
'सपा को माफिया की कब्र पर आंसू बहाने की फिक्र':वाराणसी में शिक्षक-स्नातक महासम्मेलन में सीएम का हमला; बोले- सपा के पीडीए में चाचा और मुंबई के धन्नासेठ को जगह
उत्तर प्रदेश5 घंटे पहले
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर शिक्षकों और युवाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को शिक्षा से कोई सरोकार नहीं और जो माफिया की कब्र पर आंसू बहाने जाते हैं, उनसे शिक्षकों के हितों की उम्मीद कैसे की जा सकती है। योगी ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाई और युवाओं को रोजगार के अवसर दिए हैं।
मुख्यमंत्री बुधवार को वाराणसी में शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों का भविष्य नहीं बनाते, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाते हैं। विधान परिषद में ऐसा प्रतिनिधि होना चाहिए, जो शिक्षकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठा सके। सरकार के सामने कोई समस्या आएगी तो उसका समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
‘सपा के पीडीए में चाचा और मुंबई के धन्नासेठ को जगह’
मुख्यमंत्री ने राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की राजनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्यसभा की 10 सीटों में से 8 भाजपा और 2 सपा को मिलीं। योगी के मुताबिक, भाजपा ने अलग-अलग समाजों को प्रतिनिधित्व दिया, जबकि सपा ने एक सीट अपने चाचा रामगोपाल यादव और दूसरी मुंबई के एक धन्नासेठ को दी। उन्होंने सवाल किया कि सपा को काशी, गाजीपुर या बलिया से कोई यादव, दलित या मुस्लिम प्रत्याशी क्यों नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने पीडीए को लेकर सपा पर परिवारवाद को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।
‘सपा पर भरोसा करना मगरमच्छ से नदी पार कराने जैसा’
योगी ने सपा पर वादों से मुकरने और राजनीतिक रुख बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा पर भरोसा करना मगरमच्छ से नदी पार कराने जैसा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हितों के बजाय परिवार को प्राथमिकता देने वाली राजनीति से लोगों को सावधान रहना चाहिए।
‘2017 में शिक्षकों के 1.60 लाख पद खाली थे’
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान भर्ती आयोगों और बोर्डों पर एक सीमित राजनीतिक तंत्र का प्रभाव था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के करीब 1.60 लाख पद खाली थे। योगी के मुताबिक, भाजपा सरकार में नियुक्तियां की गईं और सेवानिवृत्ति से खाली होने वाले पदों पर भी भर्ती जारी है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। अगले छह महीने में एक लाख और नियुक्तियां देने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में 32 हजार युवाओं का परिणाम घोषित होने का भी उल्लेख किया।
शिक्षकों को स्वास्थ्य सुविधा और बीमा कवर का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को विधान परिषद में प्रभावी तरीके से उठाया जाना चाहिए। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के टीईटी संबंधी निर्णय के बाद पुराने शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी की व्यवस्था का उल्लेख किया। योगी ने कहा कि बेसिक से विश्वविद्यालय स्तर तक के शिक्षकों को पांच लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसमें स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षक भी शामिल हैं। उन्होंने वित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों के लिए 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक के बीमा कवर का भी जिक्र किया।
‘नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बन रहे युवा’
योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में करीब 120 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। उन्होंने इसे युवाओं के रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में आए बदलाव से जोड़ा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि निजी क्षेत्र में 65 लाख युवाओं को नौकरी मिली है और तीन करोड़ से अधिक लोग रोजगार तथा स्वरोजगार से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 62 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य दो करोड़ युवाओं तक यह सुविधा पहुंचाना है।
‘यूपी की पहचान अब दंगा-कर्फ्यू नहीं, काशी और अयोध्या’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले त्योहारों से पहले दंगों और उपद्रव की घटनाएं प्रदेश की छवि को प्रभावित करती थीं। खराब कानून-व्यवस्था के कारण निवेशक भी आने से हिचकते थे। उन्होंने दावा किया कि अब उत्तर प्रदेश की पहचान काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में राम जन्मभूमि, प्रयागराज महाकुंभ और मथुरा-वृंदावन जैसे धार्मिक स्थलों से हो रही है।
योगी ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम में प्रतिदिन औसतन एक लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। उन्होंने धार्मिक पर्यटन को प्रदेश की बदलती पहचान और आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर प्रस्तुत किया।
पेंशन खातों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था का दावा
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वर्ष 2005 से 2017 के बीच शिक्षकों और कर्मचारियों की नई पेंशन योजना के खातों में राशि जमा करने की व्यवस्था प्रभावित रही। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद 14 लाख कार्मिकों के खाते खुलवाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई। योगी के मुताबिक, नई पेंशन योजना में सरकार का अंशदान भी 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया गया।
‘शिक्षक-स्नातक मतदाताओं का रुख देगा संकेत’
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षक और स्नातक मतदाताओं का रुख महत्वपूर्ण संकेत देगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में प्रदेश में हुए बदलावों का उल्लेख किया और सपा प्रमुख अखिलेश यादव की अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती पर भी टिप्पणी की।
सम्मेलन में मंत्री रवींद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, हंसराज विश्वकर्मा, भाजपा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष अशोक चौरसिया, प्रदेश उपाध्यक्ष शंकर गिरि, महापौर अशोक तिवारी, जिला अध्यक्ष राम सकल पटेल, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि और अरुण पाठक सहित शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
मूल लिंक: https://www.bhaskar.com/g/up-khaas/news/varanasi-yogi-adityanath-speech-sp-pda-attack-up-m
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