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वडनगर जन्मभूमि तो काशी कर्मभूमि: 'सेवा संकल्प यात्रा' के युवाओं से बोले PM मोदी, सेवा ही सबसे बड़ी शक्ति

वडनगर जन्मभूमि तो काशी कर्मभूमि: 'सेवा संकल्प यात्रा' के युवाओं से बोले PM मोदी, सेवा ही सबसे बड़ी शक्ति
तस्वीर: News18 Hindi

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि गुजरात से लेकर दिल्ली तक सेवा ही भारतीय जनता पार्टी की शासन व्यवस्था और संस्कारों का मूल भाव रही है और पार्टी सेवा के मार्ग से कभी विचलित नहीं होगी. पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में युवाओं की बड़ी भूमिका होगी. पीएम मोदी ने गुजरात के वडनगर से उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक निकाली जा रही ‘सेवा संकल्प यात्रा’ में शामिल प्रतिभागियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये संवाद में यह बात कही.

पीएम मोदी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी विकसित भारत की निर्माता है.

अलग-अलग राज्यों के युवाओं की भागीदारी वाली यह यात्रा मोदी के 76वें जन्मदिन और निर्वाचित जनप्रतिनिधि के तौर पर उनके सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के अवसर पर निकाली जा रही है. यात्रा के प्रतिभागी फिलहाल देवास जिले में हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “गुजरात से लेकर दिल्ली तक सेवा ही हमारी शासन व्यवस्था और संस्कारों का मूल भाव रही है और जब शासन के मूल में सेवा का भाव होता है, तो हर नीति के केंद्र में नागरिक देवो भव का संकल्प होता है.”

प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी में बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद है, जबकि वडनगर हाटकेश्वर महादेव के आशीष की भूमि है. उन्होंने कहा कि युवा इन दोनों शहरों के बीच सेवा का बड़ा अभियान चला रहे हैं. उन्होंने यात्रा से जुड़े कुछ साथियों से बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि वडनगर से वाराणसी की ओर बढ़ रहे युवाओं के अनुभव सुनकर ऐसा लगा, जैसे वह भी उनके साथ चल रहे हों.

पीएम मोदी ने कहा, “हमारे आचरण से लोगों को पता चले कि राजनीति में हमें कितनी ही बड़ी सत्ता क्यों न मिल जाए, लेकिन हमारा मूल मार्ग सेवा का ही रहेगा. हम कभी भी सेवा के मार्ग से विचलित नहीं होंगे, भले ही हम कितने ही ऊंचे शिखर पर पहुंच जाएं.” उन्होंने कहा कि सेवा भाव से किए गए कामों को लोग याद रखते हैं और सेवा करने वाले व्यक्तियों को आशीर्वाद देते हैं. उन्होंने कहा कि ‘जन सेवा से देश सेवा’ ही उनके जीवन का मूलमंत्र रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा गरीबों, महिलाओं, लड़कियों, मरीजों और आदिवासियों समेत समाज के अलग-अलग तबकों के हित में संचालित योजनाओं की बुनियाद में सेवा का भाव ही है.

पीएम मोदी ने कहा कि जब सेवा का भाव देश की नीतियों पर लागू होता है, तो देश को आगे बढ़ाने के लिए सेवा ही सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति बन जाती है. उन्होंने कहा, “राजनीति, चुनाव और शासन व्यवस्था अपनी जगह हैं, लेकिन हम राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के संकल्प को लेकर निकले हैं.” पीएम मोदी ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प पूरा करने में युवा पीढ़ी की भूमिका अहम रहने वाली है और युवाओं को इस लक्ष्य से मजबूती के साथ जुड़ना होगा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में यात्रा और सेवा, दोनों ही सामाजिक संस्कारों से जुड़ी रही हैं और अपने लंबे राजनीतिक जीवन में खुद उन्होंने भी कई यात्राओं का संचालन किया है. उन्होंने ‘सेवा संकल्प यात्रा’ में शामिल युवाओं से कहा कि लोगों की सेवा ही उनका मुख्य उद्देश्य होना चाहिए. प्रधानमंत्री ने कहा, “लोगों की सेवा करके अपने आचरण से सेवा का संदेश दीजिए. सेवा परमो धर्मः, हम इस भाव के साथ आगे बढ़ेंगे.”

पीएम मोदी ने यात्रा के प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे ग्रामीणों के पारंपरिक ज्ञान और समाधान के समृद्ध खजाने के बारे में जानकर इससे सीखें और ‘विविधता में एकता’ के भारतीय दर्शन के संदेश को पूरे देश में प्रसारित करें, उन्होंने प्रतिभागियों से यह भी कहा कि यात्रा के दौरान वे ‘शक्ति की सप्त धाराओं’ के बारे में लोगों से बात करें.

प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से ‘शक्ति की सप्त धाराओं’ का विचार पहली बार लोगों के सामने रखा था जिसका लक्ष्य भारत को 2047 तक ‘विकसित राष्ट्र’ बनाना है. ‘सेवा संकल्प यात्रा’ में शामिल प्रतिभागियों ने संवाद के दौरान प्रधानमंत्री को अपने विस्तृत अनुभव बयान किए.

स्रोत: यह सामग्री News18 Hindi द्वारा प्रकाशित की गई थी — पूरा श्रेय मूल प्रकाशक का है।
मूल लिंक: https://hindi.news18.com/amp/news/nation/service-is-biggest-driving-force-pm-modi-speak-wi
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