वाराणसी में जलकल के निलंबित XEN बोले-निगम की गलती थी: जलभराव पर मंत्री ने सस्पेंड कराया, कहा-बाढ़ की वजह से ...
जल निगम के अधिशासी अभियंता ने निलंबन पर उठाए सवाल:मंत्री ने किया है निलंबित, बोला - 20 अगस्त को ही दी थी PM कार्यालय-नगर निगम को पंप बंद करने की सूचना
वाराणसी7 घंटे पहले
मंत्री ने जी अधिशासी अभियंता को किया निलंबित उसने नगर निगम पर उठाये सवाल। बोला- गलती किसी की सजा किसी को।
वाराणसी में नगर विकास मंत्री ने जल भराव पर लापरवाह अधिशासी अभियंता जलकल पवन कुमार गुप्ता को निलंबित किया था। अधिशासी अभियंता चौकाघाट स्थित 140 एमएलडी के पंप हाउस पर तैनात थे। गलियों में पानी भरने को लापरवाही मानते हुए एके शर्मा ने उन्हें निलंबित करते हुए विभागीय जांच की संस्तुति की थी। लेकिन यह पंप हाउस दस्तावेजों में 20 अगस्त को ही बाढ़ का पानी बढ़ने के बाद बंद कर दिया गया था।
निलंबित अधिशासी अभियंता ने इस मामले में सवाल उठाते हुए दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि हमारा पंप जब पत्राचार के साथ 20 अगस्त 2026 से बंद था तो हमारी इसमें लापरवाही कहां है। जिससे की शहर में पानी भरा। नगर निगम की लापरवाही है। जिसका ठीकरा हमपर फोड़ा गया है।
ऐसे में दैनिक भास्कर ने 140 एमएलडी पंप हाउस चौकाघाट पहुंचकर इस पंप की कार्यप्रणाली समझी और किस कार्य में लापरवाही के चलते अधिशासी अभियंता को निलंबित किया गया। उसे जाना। पढ़िए रिपोर्ट…
देखिये सबसे पहले 140 एमएलडी पंप हाउस की तस्वीरें…
चौकघाट के 140 एमएलडी पंपिंग स्टेशन के बंद होने पर अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता को मंत्री एके शर्मा ने किया था निलंबित।
यहां गार्बेज को अलग कर सीवर का पानी भेजा जाता है दीनापुर एसटीपी।
निलंबित अधिशासी अभियंता के अनुसार बाढ़ में हर वर्ष बंद होता है पंपिंग स्टेशन।
अब जानिए क्या बोले निलंबित एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (EE) पवन कुमार गुप्ता और क्या उठाये उन्होंने सवाल…
चौकाघाट स्थित 140 एमएलडी पंपिंग स्टेशन पर तैनात रहे पवन कुमार गुप्ता इस समय कानपुर में अटैच किए गई है गए हैं। जल निगम के EE पर जांच चल रही है। कानपुर से फोन पर बात करते हुए अपने निलंबन पर बड़ा सवाल उठाया और कहा की नगर निगम की लापरवाही गाज जल निगम के इंजिनियर पर कार्रवाई क्यों? …
जिस आधार पर किया निलंबन वह सही नहीं
EE पवन कुमार गुप्ता ने बताया - मेरा निलंबन जिस आधार पर किया गया। वह सही नहीं। चीजें कुछ और है और डायवर्ट किसी और तरफ कर दी गई है। शहर में सीवर चोक हैं। जिसकी वजह से शहर में जलभराव हो रहा है। जलभराव से बचने के लिए इनके पास को संसाधान नहीं है। उस बात को छुपाने के लिए हमारे ऊपर कार्रवाई की गई। जबकि हमने पंप भी चलाये हैं।
वरुणा नदी के पास बना है चौकाघाट पंपिंग स्टेशन
पवन कुमार गुप्ता ने बताया - पंपिंग स्टेशन चौकाघाट पर जो बना है। वह वरुणा नदी के पास है। इस बार वरुणा का जलस्तर 71 मीटर तक पहुंचा था। पूरा पानी पैक हो गया था। कई बार वरुणा का पानी पंप हाउस में भी भर गया है। ऐसे में जब हम पंप चलाएंगे तो क्या वरुणा का पानी पंप कर पाएंगे। क्यों वरुणा का पानी बढ़ गया है। ऐसे में हम पंप कितना भी करें फर्क नहीं पड़ना है। तो सीवर का पानी कैसे पंप होगा।
अपनी कमी छुपाने के लिए हमारे ऊपर लगा रहे हैं आरोप
निलंबित एग्जीक्यूटिव इंजिनियर ने कहा - नगर निगम के सभी सीवर चोक और भरे हुए हैं। जिसकी वजह से शहर में जल भरावा हो रहा है। अपनी कमी छुपाने के लिए उन्होंने हमारा नाम ले लिया। और कहा पंप नहीं चल रहा है। जबकि गंगा का पानी जब बढ़ गया है तो पंप कुछ नहीं कर सकता है। यहां बड़ा पंपिंग और रिटेनिंग वाल बननी चाहिये। यह सीवेज पंपमिंग के लिए और हमसे बाढ़ का पानी पम्पिंग करवा रहे हैं।
लेटर जारी कर जल निगम नगरीय के अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता ने दी थी 20 अगस्त को सभी को सूचना।
अब जानिए चौकाघाट पंपिंग स्टेशन के साइट इंचार्ज अजय कुमार सिन्हा ने क्या बताया ?...
शहर के कई इलाकों से आने वाला सीवर यहां से जाता है एसटीपी
अजय कुमार सिन्हा ने बताया - यह 140 एमएलडी सीवेज पंपिंग स्टेशन (नगरीय) है। ये मेनली सीवेज जो कई जगह पर कलेक्शन बना हुआ है। फुलवारिया, कैंटोनमेंट, लहुराबीर और शहर के कई स्थानों से सीवेज की लाइनें आयीं हैं। जिसे हम यहां से पंपिंग कर गार्बेज अलग कर एसटीपी के लिए पंप करते हैं। ट्रीटमेंट के लिए यहां प्राइमरी ट्रीटमेंट होता है। इसके बाद गार्बेज अलग होता है। फिर डायरेक्टर एसटीपी जाता है।
बाढ़ आने पर बंद किए जाते हैं पंपिंग स्टेशन
अजय ने आगे बताया - यह पंपिंग स्टेशन नदी प्रदूषण से संबंधित है। नदी को प्रदूषित होने से बचाने के लिए इसे बनाया गया है। शहरों के नाले और सीवर का पानी जो नदियों में गिरता था। उसे टैप किया जाए। यहां से फिर एसटीपी जाए। क्योंकि यह एरिया वरुणा के किनारे आता है और जब बाढ़ आती है तो पानी बढ़ जाता है और नदी नाले से मिल जाती है। तो उसे कंडीशन में पंपिंग को रोक दिया जाता है ताकि नदी में भी कोई दिक्कत न आये। क्योंकि उसे पानी को हम ट्रीट नहीं कर पाएंगे क्योंकि नदी के पानी को ट्रीट कर वापस नदी में डालने से कुछ नहीं होगा।
20 अगस्त को ही जारी किया था लेटर
अजय ने बताया - बाढ़ के समय जितने भी नदी के किनारे पंपिंग स्टेशन हैं। वो बंद कर दिए जाते हैं। ये ऑपरेशनल है। बाढ़ के समय इसे बंद कर दिया जाता है। जिस बार बाढ़ नहीं आती। उस बार हम इसे बंद नहीं करते हैं। इस बार 140 एमएलडी का ये पंप जब गंगा का जलस्तर 68 मीटर के ऊपर पहुंचता है तो वरुणा के पलट प्रवाह से इस स्टेशन की लाइन बंद हो जाती है। उसमें वरुणा का पानी आने लगता है। इस वर्ष भी पूर्व की तरह हमारे अधिशासी अभियंता को दीनापुर एसटीपी से आदेश मिला की 20 अगस्त को नदी नाला मिल चुका है। ऐसे में इसे बंद कर दिया जाए। और मेंटेनेंस का काम किया जाए। पानी घटने पर इसे शुरू किया जाए।
6 साल में पहली बार ऐसा सुना
अजय के अनुसार 6 साल में पहली बार यह बात सामने आई है कि एसपीएस बंद होने से शहर में कहीं वाटर लॉगिंग की समस्या आयी है। हमारे लिए भी एक नया विषय है। ऐसे में कुछ कहना असम्भव है। अभी तक का हमारे पास जो दस्तावेज है। रिकार्ड के अनुसार जब भी बाढ़ का पानी आया है तो यही नहीं शहर के सभी गंगा किनारे के पंपिंग स्टेशन बंद हो जाते हैं।
मूल लिंक: https://www.bhaskar.com/g/local/uttar-pradesh/varanasi/news/varanasi-jal-nigam-pump-suspen
यदि आप इस सामग्री के प्रकाशक हैं और इसे यहाँ नहीं रखना चाहते, info@banaraslive.com पर लिखें।
यह भी पढ़ें
काशी में सुखोई-राफेल की गर्जना, घरों से बाहर निकले लोग, शुरू हुआ एयर शो का रिहर्सल
वाराणसी में एयर शो के लिए महाकुंभ जैसी सुरक्षा: 22 से शुरू होगा, 20 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान; ट्रैफिक...
एयर शो के लिए महाकुंभ की तर्ज पर सुरक्षा इंतजाम: 3 दिनों में वाराणसी पहुंचेंगे 20 लाख लोग; PM और CM भी आ सक...