काशी रोपवे का दिखने लगा भव्य रूप, कैंट-विद्यापीठ-रथयात्रा स्टेशन 95% तैयार...देखें फर्स्ट...
Varanasi Ropeway Project Update: वाराणसी में जल्द ही सड़क के साथ आसमान में भी सफर का रोमांच मिलने वाला है. शहर में बन रहे देश के पहले रोपवे ट्रांसपोर्ट का 90 फीसदी से ज्यादा काम पूरा हो चुका है और बाकी काम भी जल्द पूरा होने की उम्मीद है. कैंट, विद्यापीठ और रथयात्रा स्टेशन का स्वरूप सामने आ चुका है, जहां काशी की संस्कृति और आधुनिक सुविधाओं का संगम देखने को मिलेगा. जानिए कब से शुरू हो सकता है सफर और स्टेशन पर यात्रियों को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी.
वाराणसी जाने वाले लोगों के लिए आने वाले समय में सफर का एक नया अनुभव मिलने वाला है. अब काशी की सड़कों पर चलने के साथ लोग आसमान से भी शहर का नजारा देख सकेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में देश का पहला रोपवे ट्रांसपोर्ट तैयार किया जा रहा है. करीब 3.85 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट का 90 फीसदी से ज्यादा काम पूरा हो चुका है. बाकी काम भी अगले दो महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है. इसके शुरू होने के बाद काशी के लोगों के साथ दूर-दराज से आने वाले पर्यटक भी रोपवे से शहर में सफर कर सकेंगे.
रोपवे ट्रांसपोर्ट के लिए कुल पांच स्टेशन बनाए जा रहे हैं. इनमें कैंट, विद्यापीठ और रथयात्रा स्टेशन का काम करीब 95 फीसदी से ज्यादा पूरा हो चुका है. इसमें कैंट, विद्यापीठ और रथयात्रा स्टेशन को खास तरीके से तैयार किया जा रहा है. यहां काशी की संस्कृति और प्राचीनता की झलक देखने को मिलेगी. स्टेशन के बाहर भगवान शिव, त्रिशूल और डमरू की झलक दिखाई देगी. इसके साथ ही काशी के प्रसिद्ध घाटों की खूबसूरती को भी स्टेशन के डिजाइन में जगह दी गई है.
रोपवे स्टेशन में प्रवेश करते ही लोगों को मंदिर में जाने जैसा एहसास कराने की कोशिश की गई है. यहां समय-समय पर भगवान शिव की थीम वाले भजन भी सुनाई देंगे. पर्यटकों की सुविधा के लिए लगेज काउंटर, बैठने की जगह और कैंटीन जैसी सुविधाएं भी होंगी. स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है.
कैंट स्टेशन को पर्यटकों के आवागमन के हिसाब से तैयार किया जा रहा है. कैंट से रथयात्रा के बीच रोपवे का ट्रायल रन अलग-अलग चरणों में पूरा हो चुका है. वहीं रथयात्रा से गोदौलिया के बीच गंडोला का ट्रायल अभी जारी है.
इस पूरे प्रोजेक्ट को नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड तैयार कर रहा है. फिलहाल गोदौलिया और गिरजाघर स्टेशन का काम चल रहा है. इस प्रोजेक्ट पर पीएमओ की भी नजर है. हर महीने इसकी समीक्षा की जाती है और प्रगति रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय भेजी जाती है. जानकारी के मुताबिक, गोदौलिया और गिरजाघर स्टेशन का करीब 75 फीसदी काम पूरा हो चुका है.
गिरजाघर-गोदौलिया मार्ग पर पर्यटकों की भारी भीड़ और ट्रैफिक के कारण दोनों स्टेशनों का निर्माण प्रभावित हुआ है. इसके बावजूद अक्टूबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारी लगातार निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे हैं, ताकि काम समय पर पूरा किया जा सके.
रोपवे ट्रांसपोर्ट से सफर करने वाले यात्रियों को हर किलोमीटर के लिए 12 रुपये खर्च करने होंगे. यानी अगर कोई पर्यटक कैंट से गोदौलिया तक रोपवे से जाता है, तो उसे प्रति व्यक्ति करीब 50 रुपये किराया देना होगा. पिछले दिनों हुई एक बैठक में इस किराए पर मुहर लगाई जा चुकी है.
वाराणसी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर 800 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं. इसका सीधा फायदा काशी विश्वनाथ मंदिर जाने वाले पर्यटकों को भी मिलने की उम्मीद है. अभी कैंट से गोदौलिया तक सड़क से पहुंचने में करीब 50 से 55 मिनट लगते हैं. रोपवे शुरू होने के बाद यही सफर करीब 16 मिनट में पूरा हो सकेगा. इससे समय की बचत के साथ पर्यटकों को काशी का नजारा आसमान से देखने का नया अनुभव भी मिलेगा.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|
First Published :
September 08, 2026, 16:09 IST
मूल लिंक: https://hindi.news18.com/amp/photogallery/uttar-pradesh/varanasi-ropeway-project-cantt-god
यदि आप इस सामग्री के प्रकाशक हैं और इसे यहाँ नहीं रखना चाहते, info@banaraslive.com पर लिखें।
यह भी पढ़ें
वाराणसी की बेटी खुशी कपूर ने श्रीलंका में अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया देश का गौरव, एयरपोर्ट पहुंचने पर हुआ स्वागत
वाराणसी: बहुचर्चित श्रेया हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, मुठभेड़ के बाद पुलिस ने पकड़ा