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स्मार्ट सिटी वाराणसी में अपराधियों के लिए कहर बन रही तीसरी नजर, जान लें इन कैमरों की व‍िशेषता और काम करने की तकनीक

स्मार्ट सिटी वाराणसी में अपराधियों के लिए कहर बन रही तीसरी नजर, जान लें इन कैमरों की व‍िशेषता और काम करने की तकनीक
तस्वीर: jagran.com

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स्मार्ट सिटी वाराणसी में अपराधियों के लिए कहर बन रही तीसरी नजर, जान लें इन कैमरों की व‍िशेषता और काम करने की तकनीक

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स्मार्ट सिटी वाराणसी में 'त्रिनेत्र कमांड सेंटर' की तीसरी आंख अपराधियों पर कहर बरपा रही है, जिससे अपराध नियंत्रण में ...और पढ़ें

वाराणसी में 'तीसरी आंख' से अपराधियों पर शिकंजा, जानें स्मार्ट सिटी कैमरों की तकनीक।

HighLights

जागरण संवाददाता, वाराणसी। स्मार्ट सिटी वाराणसी में अपराधियों के लिए कहर बन रही तीसरी नजर।अनजाने में भी अपराधी ने शहर की दहलीज लांघी तो वाहनों के नंबर प्लेट व चेहरे पहचाने वाले कैमरे अपना काम कर गुजरेंगे। पुलिस के लिए चेहरे व वाहनों के नंबर प्लेट ही अपराधियों के बाहें मरोड़ने के लिए पर्याप्त साबित होते हैं।

आंकड़ों के आइने में दो वर्षों में 671 पर्यटकों के विभिन्न गाड़ियों में छूटे उनके सामान ढूढ़ने और 99 गुमशुदा को अपनों से मिलाने स्पष्ट है कि काशी में तीसरी नजर (त्रिनेत्र कमांड सेंटर) की निगाहें सबके ऊपर हैं, जो शरीफों को संतुष्ट दे रहीं तो अपराधियों पर कहर बरपा रहीं हैं।

गाजीपुर के होटल मालिक की हत्या, काशी के एएनपीआर कैमरों ने दिए सुराग
गाजीपुर में बिंदु होटल मालिक के बेटे को कटरा गैंग के बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। बदमाश वारदात के बाद वाराणसी की ओर भागे। वाराणसी में बदमाशों ही एंट्री के साथ ही उनका डिजीटल पीछा शुरू हो गया। विशेषज्ञों ने कैमरों के फुटेजे का विश्लेषण किया तो एएनपीआर (आटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे की सहायता से वाहन का नंबर प्लेट भी ट्रेस कर लिया गया।वाहन नंबर का सुराग मिलते ही पुलिस के लिए मर्डर मिस्ट्री का सुलझाना आसान हो गया।

अपाचे बाइक की पहचान से खुली ढाई करोड़ चोरी
बीते तीन जून को शिवपुर (वाराणसी) में लगभग ढाई करोड़ की चोरी हुई। पुलिस जांच में जुटी तो शिवपुर, रामेश्वरम मोड़, अकथा, पहाड़िया सहित विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण करने पर अपाचे बाइक सवार तीन संदिग्ध युवक दिख गए। अलग-अलग कैमरों की फुटेज को जोड़कर संदिग्धों की गतिविधि ट्रैक की गई, उनकी पहचान और लोकेशन मिल गई।इसका असर हुआ कि चोरी गए एक-एक जेवरात मिल गए।

आधुनिक कैमरे और क्राइम कंट्रोल में उनके कार्य

  • एएनपीआरए कैमरा : वाहन की नंबर प्लेट की पहचान करने तथा नियम उल्लंघन करने वाले वाहनों की जानकारी प्राप्त करने में सक्षम।
  • आरएलवीडी कैमरा : रेड लाइट उल्लंघन पर नजर रखने में सक्षम।
  • फिक्स सीसीटीवी कैमरा : सामान्य निगरानी में सक्षम।
  • पीटीजेड कैमरा : भीड़ नियंत्रण को दूर तक चारो तरफ निगरानी तथा ज़ूम करके एक-एक गतिविधि दिखाने में सक्षम।
  • एफआरएस कैमरा : चेहरे को पहचानने में सक्षम।


पूरे ज‍िले में

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  • 2422 कैमरों की निगाहों से पूरे शहर को देखता त्रिनेत्र भवन।

इनके जिम्मे है, त्रिनेत्र भवन की जिम्मेदारी

  • सब इंस्पेक्टर राजेश सिंह (प्रभारी)
  • हेड कांस्टेबल करन कुमार
  • कांस्टेबल उपेंद्र पासवान
  • ओमप्रकाश शाह
  • कांस्टेबल सतीश यादव

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वर्ष -----चोरी-----सामान छूटना----गुमशुदा को ढूढ़े-----जांच में मदद---हादसे में मदद

2026----54--------235----------61-------------38-----------28
2025---- 41------ 436----------38--------------25-----------21


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नोट : दोनोें ही आंकड़े जनवरी से अगस्त माह तक के हैं।
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वैभव बांगर, एडीसीपी काशी जोन।

स्रोत: यह सामग्री jagran.com द्वारा प्रकाशित की गई थी — पूरा श्रेय मूल प्रकाशक का है।
मूल लिंक: https://www.jagran.com/uttar-pradesh/varanasi-city-third-look-at-smart-city-varanasi-for-c
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