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बनारस में जीत-हार के अंतर की जगह भाजपा को मिले वोटों का अनुपात भी देखना चाहिए: ओमप्रकाश

बनारस में जीत-हार के अंतर की जगह भाजपा को मिले वोटों का अनुपात भी देखना चाहिए: ओमप्रकाश
तस्वीर: Amar Ujala

सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर।

बलिया। प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने शिक्षक एवं स्नातक एमएलसी चुनाव में सपा की जीत को लेकर तंज कसते हुए कहा कि जिन सीटों पर सपा जीती है, वहां कौन सा तोप खड़ा कर दिया है।


यह पढ़े-लिखे लोगों का जनादेश है, आम जनता का वोट नहीं। एमएलसी चुनाव को विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में यही पढ़े-लिखे लोग बूथों पर वोट देने नहीं जाएंगे और आम मतदाता ही मतदान केंद्रों पर नजर आएगा।


वह सोहांव में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। वाराणसी में सपा की जीत के सवाल पर राजभर ने कहा कि बनारस में भाजपा को भी वोट मिले हैं। जीत-हार के अंतर के बजाय वोटों का अनुपात भी देखना चाहिए। भाजपा को पसंद करने वालों ने भाजपा और समाजवादी पार्टी को पसंद करने वालों ने सपा के पक्ष में मतदान किया है।


मुस्लिमों की हिस्सेदारी को लेकर मौलवियों पर सवाल- मुस्लिमों की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए मंत्री ने मौलवी-मौलानाओं और मदनी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग मुसलमानों का वोट सपा और कांग्रेस के पक्ष में दिलाते हैं, लेकिन मुस्लिम समाज को अपेक्षित हिस्सेदारी नहीं मिलती। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग सरकार बनवाने में भूमिका निभाते हैं, वे कभी मुस्लिम समाज के किसी बेटे को मुख्यमंत्री बनाने की मांग क्यों नहीं करते। राजभर ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने 60 साल तक शासन किया, लेकिन पिछड़ों, दलितों और मुसलमानों को उनके अधिकार नहीं मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि इन वर्गों के अधिकारों का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया जाता रहा है।


राहुल गांधी के बयान पर भी की टिप्पणी : टाटा संस को लेकर राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि राहुल गांधी देश और संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ बयान देते रहते हैं। उनके बयानों को कोई गंभीरता से नहीं लेता। उन्होंने कहा कि आजाद भारत में हर व्यक्ति को अपनी पुस्तक लिखने और उसका प्रकाशन कराने का अधिकार है।

स्रोत: यह सामग्री Amar Ujala द्वारा प्रकाशित की गई थी — पूरा श्रेय मूल प्रकाशक का है।
मूल लिंक: https://www.amarujala.com/uttar-pradesh/ballia/in-banaras-rather-than-just-looking-at-the-
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