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काशी में बोले सीएम योगी आदित्‍यनाथ - 'प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को दो-दो यूनिफार्म देगी सरकार'

काशी में बोले सीएम योगी आदित्‍यनाथ - 'प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को दो-दो यूनिफार्म देगी सरकार'
तस्वीर: Jagran

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काशी में बोले सीएम योगी आदित्‍यनाथ - 'प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को दो-दो यूनिफार्म देगी सरकार'

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सीएम योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के आंगनबाड़ी ...और पढ़ें

योगी सरकार का बड़ा फैसला आंगनबाड़ी बच्चों को मिलेंगे दो यूनिफॉर्म पोषण माह का शुभारंभ। - जागरण

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जागरण संवाददाता, वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को काशी के रूद्राक्ष कनवेंशन सेंटर में नवें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ करते हुए कहा कि आंगबनाड़़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों को भी दो-दो यूनिफार्म दिया जाएगा। 2017 के पहले आंगनबाड़ी केंद्र बदहाल थे और शराब माफिया पोषाहार का वितरण करते थे।

गलती ऊपर के लोग करते थे और ठीकरा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर फोड़ते थे। हमारी सरकार ने पारदर्शिता के साथ ईमानदारी पूर्वक दायित्वों का निर्वहन किया। बच्चों तक पोषाहार पहुंचा। अब प्रदेश केंद्र पर पंजीकृत बच्चों को दो-दो यूनिफार्म भी देने जा रहे हैं। वर्ष 2017 से जर्जर 70 हजार केंद्रों का सुंदरीकरण कराया गया। हर केंद्र पर सरकार ने 30 लाख रुपये खर्च किए।

सीएम ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2001 में जिस विजन से कार्य शुरू किया था उस विजन को उत्तर प्रदेश में लागू करते हुए सरकार कार्य कर रही है। आज गुजरात, ओडिसा, तमिलनाडु के केंद्र जिस तरह से माडल बने हैं वैसे ही यूपी के कई केंद्र भी हैं। गोरखपुर के खजनी क्षेत्र का बसियाखोर का केंद्र भी माडल है।

आज प्रदेश में टीएचआर टेक होम राशन के जरिए पोषित अनाज देकर बच्चों को कुपोषित से सुपोषित बना रही है। प्रदेश में टीएचआर टेक होम राशन के जरिए नई व्यवस्था लागू की जा चुकी है। प्रदेश में 200 प्लांट बनाए गए हैं। इसे महिला समूह संपादित कर रही हैं। यहां से भोजन की क्वालिटी बेहतर कर बच्चों तक पहुंचाया जा रहा है।

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इस क्वालिटी को भी केंद्र की संस्था चेक करती है। कई लेयर में हमारी सरकार पारदर्शिता के साथ बच्चों को स्वच्छ वातावरण, शुद्ध भोजन और बेहतर माहौल देकर कुपोषण से बचा रही है। कानपुर के एक आंगनबाड़ी केंद्र का उल्लेख करते हुए सीएम ने कहा कि केंद्रों पर बच्चों को खेल-खेल में अंकों व अंगों की पहचान भी कराई जा रही है। यह बेहतर प्रयोग है।

सीएम ने कहा कि आजादी के सौ साल बाद हम कैसा भारत चाहते हैं। हमें आत्मनिर्भर और विकसित भारत चाहिए। पहले की सरकारें दिल्ली को चमकाकर खुश हो जाती थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने गांव और गलियों का विकास किया। वह जानते थे कि जब तक देश की नींव मजबूत नहीं होगी तब तक विकसित राष्ट्र का सपना पूरा नहीं होगा।

इसके लिए कोख में आने के बाद से लेकर बच्चे का ध्यान रखना जरूरी है। मातृवंदना योजना के जरिए प्रधानमंत्री के निर्देश पर गर्भवती महिलाओं को पहले बच्चे पर 5000 और दूसरी बेटी होने पर 6000 की राशि दी जाने लगी। इससे मां ने खुद को स्वस्थ रखा और एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। यही बच्चा, अच्छी पढ़ाई, अच्छा संस्कार लेकर एक अच्छा युवा बनेगा जो विकसित राष्ट्र में अपनी भूमिका का निर्वहन करेगा।

केंद्र सरकार के निर्देश पर प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्र की रेसिपी के लिए सरकार ने नई गाइडलाइन भी तय कर दी है। बच्चों को गर्म भोजन के साथ पौष्टिक आहार दिया जा रहा है। पोषाहार ले जाने वाले वाहन की जीपीएस ट्रैकिंग है। क्यूआर कोड सभी पैकेट पर है। टीएचआर को स्वाद से जोड़ा गया है। यानी विविधता के साथ बच्चों को भोजन मिले जो वह चाव से खाएं।

सीएम ने कहा कि प्रदेश में 1.90 लाख केंद्र स्वीकृत हैं। इसके जरिए 1.56 करोड़ लाभार्थियों को पोषण योजना कालाभ पहुंचा रहे हैं।35.46 लाख बच्चों तक गर्म भोजन और 46 लाख बच्चों की सतत निगरानी करते हुए नियमित अंतराल पर उनका वजन और लंबाई नापा जा रहा है। कहा कि देश की ताकत युवा है और भविष्य भी युवा ही तय करते हैं। युवाओं का भविष्य बचपन में ही तय हो जाता है। स्वस्थ बच्चे से इसकी शुरुआत होती है। स्वस्थ बच्चा से स्वच्थ छात्र, स्वस्थ युवा ही सुनहरे भविष्य के साथ राष्ट्र निर्माता बनता है।

बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पर भी ध्यान
सीएम ने कहा कि अब तक सरकारों ने स्कूल कालेजों के विषय में नहीं सोचा। लखनऊ के एक इंटर कालेज का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां प्रदेश के एक मुख्य सचिव ने इंटर तक की पढ़ाई की थी। जब उस स्कूल में मैं गया तो भवन पर पीपल का पेड़ लगा था। बहुत दुख हुआ। फिर आपरेशन कायाकल्प, आपरेशन अलंकार के जरिए स्कूलों को बेहतर किया। अब निर्देश दिया है कि प्रदेश में 40 साल से ज्यादा पुराने सभी सरकारी, वित्तत्पोषित कालेजों की सूची बनाकर उनकी मरम्मत की जाए। ऐसे 2100 स्कूलों का कायाकल्प होगा।

अंतरिक्ष विज्ञान की भी पढ़ाई करता है छात्र
प्राइमरी से लेकर माध्यमिक स्कूलों में बच्चों को अटल टिकरिंग लैब के जरिए स्पेश से जुड़ी जानकारी दी जा रही है। कई जगहों पर रोबोटिक्स प्रयोगशाला संचालित है। प्राइमरी स्कूल में भी स्मार्ट क्लासेज चल रहे हैं। स्किल डेवलपमेंट की पढ़ाई करा रहे हैं ताकि छात्र रोजगार से जुड़े।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आंदोलन में शामिल हुआ
सीएम ने कहा कि मानदेय को लेकर 2017 के पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आंदोलन करते थे तो एक आंदोलन में शामिल हुआ।उनका दर्द मैं समझता हूं। इसीलिए हमारी सरकार ने मानदेय 3000 से बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया। पांच लाख रुपये का बीमा किया। सहायिका का मानदेय 1500 से बढ़ाकर छह हजार किया। स्मार्ट फोन दिया जा रहा है। अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने दायित्वों का निर्वहन कर बच्चों को सुपोषित बनाएं।

नए केंद्रों पर पोषण वाटिका व एलईडी
सीएम ने कहा कि अब जो भी नए आंगनबाड़ी केंद्र बन रहे हैं वहां पोषण वाटिका बनाई जा रही है। इसके साथ ही केंद्रों को एलईडी दिया जा रहा है। स्मार्ट क्लास बन रहे हैं। भोजन के साथ प्री प्रामरी की पढ़ाई भी करा रहे हैं। क्योंकि, सुपोषित बचपन से ही समर्थ भारत की नींव रखी जा सकती है।

स्रोत: यह सामग्री Jagran द्वारा प्रकाशित की गई थी — पूरा श्रेय मूल प्रकाशक का है।
मूल लिंक: https://www.jagran.com/uttar-pradesh/varanasi-city-cm-yogi-adityanath-speaks-in-kashi-gove
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